ज़मीन के कथित अवैध अधिग्रहण के सबूत दिखाएं, राजनीति और झारखंड छोड़ दूंगा: हेमंत सोरेन
सोरेन ने कहा कि आंबेडकर की तरह आदिवासियों, दलितों, अल्पसंख्यकों और पिछड़े वर्ग के लोगों को भी अब भाजपा के ‘अत्याचारों’ के कारण बौद्ध धर्म अपनाना पड़ रहा है. सोरेन ने हाल ही में एक मीडियाकर्मी की सोरेन पर की गई टिप्पणी के संदर्भ में कहा कि सामंती मानसिकता वाले लोग कहते हैं कि आदिवासियों को जंगल में रहना चाहिए. उन्होंने राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन द्वारा झारखंड सरकार के कामकाज के 32 पेज पढ़ने की भी आलोचना की और कहा कि जब वहां लोकतंत्र नहीं है तो इसका कोई मतलब नहीं है. उन्होंने कहा कि समय सबसे बलवान होता है और एक समय फिर आएगा जब वह फिर से विधानसभा अध्यक्ष के सामने खड़े होंगे. भ्रष्टाचार के आरोपों पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा हेमंत सोरेन के इस्तीफे और गिरफ्तारी से ठीक पहले उनके द्वारा चंपई सोरेन को मुख्यमंत्री के रूप में चुने जाने के कारण विश्वास मत की आवश्यकता थी.
